उत्तर प्रदेश सरकार में नए मंत्रियों को लेकर बड़ी प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. योगी सरकार में हाल ही में शपथ लेने वाले मंत्रियों के दफ्तर लगभग तय कर दिए गए हैं. माना जा रहा है कि आज कार्यालय आवंटन की आधिकारिक सूची जारी हो सकती है. इसके साथ ही मंत्रियों को विभाग बांटने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गई है. मगर सवाल उठता है कि आखिर मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में इतनी देरी क्यों हो रही है? इसके पीछे की वजह क्या सीएम योगी आदित्यनाथ का दौरा करना है. कभी वाराणसी तो कभी दिल्ली… तो कभी असम? हालांकि, इसके पीछे कई राजनीतिक और संगठनात्मक वजहें भी मानी जा सकती हैं. आइए समझते हैं विस्तार से…
किस मंत्री को कौन सा दफ्तर?
सूत्रों के मुताबिक, सभी नए मंत्रियों के लिए विधान भवन और बापू भवन में कार्यालय चिह्नित कर दिए गए हैं. कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को विधान भवन में कक्ष संख्या 82बी आवंटित किया गया है. वहीं कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को बापू भवन के आठवें तल पर कार्यालय दिया गया है. अजीत सिंह पाल को बापू भवन के तीसरे तल पर कमरा मिला है, जबकि सोमेंद्र तोमर को चौथे तल पर कार्यालय आवंटित किया गया है.
सूत्रों के मुताबिक, सभी नए मंत्रियों के लिए विधान भवन और बापू भवन में कार्यालय चिह्नित कर दिए गए हैं. कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को विधान भवन में कक्ष संख्या 82बी आवंटित किया गया है. वहीं कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को बापू भवन के आठवें तल पर कार्यालय दिया गया है. अजीत सिंह पाल को बापू भवन के तीसरे तल पर कमरा मिला है, जबकि सोमेंद्र तोमर को चौथे तल पर कार्यालय आवंटित किया गया है.
