
होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब और खुलकर सामने आ गया है. शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर कार्रवाई का खुलासा किया. वहीं दूसरी तरफ ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी हमले में एक नागरिक जहाज को निशाना बनाया गया, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई और कई लापता हैं. घटनाक्रम की शुरुआत अमेरिकी कार्रवाई से हुई. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अमेरिका ने दो ईरानी झंडे वाले खाली तेल टैंकरों M/T सी स्टार III और M/T सेवदा को उस वक्त निशाना बनाया जब वे ओमान की खाड़ी में ईरानी पोर्ट की ओर बढ़ रहे थे. अमेरिका का दावा है कि ये जहाज उसकी ओर से लागू नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहे थे.
CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के F/A-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान ने सटीक हमले कर इन टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, जहाजों के स्मोकस्टैक पर प्रिसिजन म्यूनिशन दागे गए ताकि वे आगे नहीं बढ़ सकें. इससे पहले 6 मई को M/T हसना नाम के एक अन्य ईरानी टैंकर को भी इसी तरह रोका गया था. अमेरिकी सेना का कहना है कि इन तीनों जहाजों को अब ईरान पहुंचने से रोक दिया गया है और यह कार्रवाई उसकी ‘ब्लॉकेड पॉलिसी’ का हिस्सा है. CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में नाकेबंदी को पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और अब तक 50 से ज्यादा जहाजों को मोड़ा जा चुका है.
